रायपुरः कांग्रेस ने दिया सांसद ताम्रध्वज साहू व साहू समाज को धोखा, मुख्यमंत्री पद की लालच देकर किया समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल

2022

रायपुर। दुर्ग सांसद ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ में साहू समाज के 28 प्रतिशत वोट एवं 70 लाख की हिस्सेदारी रखने वाले साहू समाज से आते हैं। ऐसा सूत्रों से ज्ञात हुआ कि उन्हें विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने विधायक का टिकट देकर मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। मध्यप्रदेश एवं राजस्थान सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश की साहू समाज ने ताम्रध्वज साहू के मुख्यमंत्री बनने के आशय पर पूरा वोट कांग्रेस पार्टी को दिया था। जिसके बल पर कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में भारी बहुमत से जीत दर्ज की। लेकिन ऐन मौके पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ताम्रध्वज साहू का नाम काटकर भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सिर्फ साहू समाज को वोट बैंक समझकर इस्तेमाल करती है।
साहू समाज को 2019 लोकसभा के चुनाव में अपनी अहमियत दिखाने और अपना वर्चस्व बनाने के लिए समझना होगा कि अपना हितैषी कौन है। कांग्रेस पार्टी व भाजपा पार्टी सिर्फ समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है।
गौरतलब है कि 28 प्रतिशत करीब 70 लाख की आबादी होने के बावजूद भी साहू समाज के लोकप्रिय व कांग्रेस पार्टी के सबसे अनुभवी नेता ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री न बनाना साहू समाज को बहुत बड़ा धोखा देना है। इसलिए साहू समाज को अपने घरों से निकलकर इसका विरोध करना चाहिए।
ज्ञात हो कि शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और सांसद ताम्रध्वज साहू की अधिकारिक बैठक दिल्ली स्थित कार्यालय पर हुई। जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अधिकारिक तौर पर लोकप्रिय नेता ताम्रध्वज साहू को दोपहर 01 बजे मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर दी। लेकिन जातिवाद के चलते उन्होंने ताम्रध्वज साहू की पूरे देश में अधिकारिक घोषणा के बाद भी भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति जाहिर कर दी। यह पूरे देश व प्रदेश की साहू समाज के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जिसकी साहू समाज निंदा करती है और आने वाले 2019 के चुनाव में जहां ताम्रध्वज साहू को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाने से पूरे देश के तेली समाज का कांग्रेस पार्टी को समर्थन मिलता लेकिन अब ऐसा नहीं लगता है। क्योंकि अब तेली समाज कांग्रेस पार्टी से बेहद नाराज और सबक सिखाने के मूड में है। जिसका खामियाजा 2019 के लोकसभा आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भुगतना होगा।
इसका जीता जगता उदाहरण मध्यप्रदेश में अभी हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक भी टिकट साहू समाज को नहीं दिया जिससे नाराज होकर मध्यप्रदेश में छह प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाला तेली समाज कांग्रेस की ओर मुड़ गया और कांग्रेस को जिताने में तेली समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह बात इससे स्पष्ट होती है कि तेली समाज का वोट बैंक भाजपा का परंपरागत वोट माना जाता है और मध्यप्रदेश में मात्र एक प्रतिशत के वोटों के अंतर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते-बनते रह गई।

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